(BIHAR, India)
महादलितों के बीच बासगीत का पर्चा बांटने आए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को फिर अटपटा बयान दिया। उन्होंने समुदाय के लोगों से कहा कि दारू को दवा को रूप में पीएं। नशे के कारण महादलित लोग न तो अपने बच्चों का ध्यान रख पाते हैं, न ही जीवन को बेहतर कर पाते हैं। पीना ही है तो शराब को दवा के रूप में थोड़ी-थोड़ी पीयो। रूपसपुर नहर स्थित चुल्हाईचक मुसहरी में दलित अधिकार मंच द्वारा आयोजित समारोह में सीएम ने कहा कि वंचित वर्ग के लोगों को अन्य तबकों से सबक लेते हुए आगे बढ़ना होगा। विकास सिर्फ मांग कर नहीं किया जा सकता। दलितों और कमजोर वर्ग के लोगों को अधिकार के साथ ही अपने कर्तव्यों का बोध भी होना चाहिए। सीएम ने वहां मौजूद अधिकारियों को हर महादलित टोले में 40 परिवारों की आबादी पर चापाकल लगाने और प्राथमिक विद्यालय खोलने का निर्देश दिया। कहा- ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरी भूमिहीनों को भी बासगीत का पर्चा दिया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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