(JAMMUandKASHMIR, India)
घाटी में दूरसंचार व्यवस्था ध्वस्त होने से स्थिति और भी कठिन हो गई है। घाटी में आज बारिश नहीं हुई लेकिन राज्य में बृहस्पतिवार तक हुई बारिश से श्रीनगर एवं कुछ अन्य शहरों में बाढ़ के पानी के स्तर में कमी नहीं आई है जिससे लाखों फंसे लोगों को बचाने में बचाव एजेंसियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर का बड़ा हिस्सा जलमग्न है और दर्जनों नावों को इन इलाकों में तैनात किया गया है। छह दशक में राज्य में आई इस भीषणतम बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में लोग घर की छतों और अपने घर के ऊपरी तल पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पहली बार दक्षिण कश्मीर में राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों एवं परिवहन विमानों ने कई उड़ानें भरीं। अभी तक करीब 22 हजार लोगों को बचाया गया है जिनमें 2000 लोग श्रीनगर एवं आसपास के इलाकों के हैं। वायुसेना ने बचाव एवं राहत अभियान के लिए 45 विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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