(JAMMUandKASHMIR, India)
राहत टीमें आज जलमग्न श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर इलाके पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगी। ऐसा माना जा रहा है कि इन जगहों पर करीब चार लाख लोग फंसे हैं। बाढ़ से राज्य में अब तक लगभग 200 लोगों के मरने की खबर है। सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो और इकाइयां विमान से उधमपुर के पंचेरी में पहुंचाई गई हैं जहां भूस्खलन के बाद 30 लोग लापता हैं। उप महानिरीक्षक गरीब दास ने बताया कि उधमपुर में अब तक सात शव और एक व्यक्ति के शरीर का हिस्सा बरामद हुआ है, लेकिन फंसे लोगों का पता लगाना काफी दुरूह कार्य है। अधिकारियों ने कहा कि शेष जम्मू क्षेत्र में स्थिति स्थिर हो गई है और अब जमीन पर राहत सामग्री प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में सघन राहत एवं बचाव अभियान जारी है। वहां ज्यादा हेलीकॉप्टर, नौकाएं आदि काम में लगाई गई हैं। जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा कि राहत अभियान रातभर चलता रहा और रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक 996 लोगों को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति में सुधार हो रहा है और दक्षिण कश्मीर में पानी का स्तर घटा है। सैन्य अधिकारी ने कहा कि मौसम साफ हो गया है और हेलीकॉप्टर अभियानों की तीव्रता बढ़ गई है। श्रीनगर में कुछ स्थानों पर पानी का स्तर 1.5 से लेकर 3 फुट तक कम हुआ है, लेकिन हम उत्तरी हिस्से में जलस्तर में वृद्धि देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरामुला में पानी का स्तर ज्यादा नहीं है और यह सिर्फ 3 फुट तक है। हम राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एहतियाती कदम उठा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर की स्थिति से उत्तरी तथा दक्षिणी, दो दिशाओं से निपटने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि हमने रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक 996 लोगों को निकाला है। सेना ने शिविर स्थापित किए हैं जहां सुरक्षित निकाले गए लोगों को 12 से 24 घंटे तक रखा जाता है और उन्हें मूलभूत सुविधाएं दी जाती हैं। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्थापित शिविरों में भेज दिया जाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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