(India)
इसे 1989 में यूरोपियन जियोलॉजी टीम ने खोजा था। मगर 2013 तक शोधकर्ताओं को इसके असल आकार का पता नहीं था। अंधेरे की वजह से गुफा की दीवारें हों या छत, कुछ भी देखना मुमकिन नहीं था। यह 148 फीट लंबी गुफा चेम्बर है। ऐसे में ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने लेजर मैपिंग टेक्नोलॉजी की मदद से इसे मापा। यह गुफा 380.7 मिलियन क्यूबिक फीट की मापी गई। यह आकार इससे पहले की सबसे बड़ी गुफा मलेशिया सारावाक चैम्बर (1.66 मिलियन क्यूबिक फीट) से 10 फीसदी ज्यादा है। हजारों साल पुरानी ये गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
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