ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थाम गतोषपि वा।
य: स्मरेत पुंडरीकाक्षयम स बा±यभ्यन्तर: शुचि:।।
इसके बाद नई प्रतिमाओं की प्राणप्रतिष्ठा करने के लिए निम्न मंत्र कहें
ॐ मनो जुति: जूषतामाज्यस्य बृहस्पति: यज्ञम इमम तनोत्वरिष्टम यज्ञम समिमम दधातु । विश्वे देवास इह मादयनतामोम प्रतिष्ठ।।
उसके बाद गौरी गणेश के निम्न मंत्र का जाप करे:
ॐ गणानाम त्वा गणपतिम हवामहे प्रियाणाम त्वा प्रियपतिम हवामहे निधिनाम त्वा निधिपतिम हवामहे वसों मम। आहमजानि गर्भधमा त्वमजासी गर्भधम। ।
ॐ अम्बे अंबिके अंबालिके न मा नयति कश्चन। ससस्त्यश्व्क: सुभद्रिकाम काम्पील्वासिनीम।।
इसके बाद श्रीसूक्त में दिए गए लक्ष्मी जी के 16 मंत्रो का पूर्ण श्रद्धा भाव से जप करे। तत्पश्चात् मां लक्ष्मी की आरती कर प्रसाद वितरण करें। इस तरह पूजा करने से आपके घर में धन लाभ और शांति का आगमन शुरू हो जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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