(India)
वेद मंत्रों से गणेशजी का पंचामृत अभिषेक कर मोदक अर्पण किए गए। इसके साथ ही फूलों के बंगले में गणपति को विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने गणेश मंदिरों में जाकर अथर्व शीर्ष, अष्टोत्तरशत नामावली पाठों से भगवान गणेश की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के गढ़ गणेश मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में कई आयोजन हुए। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में पंचामृत अभिषेक किया गया। इस मौके पर 1001 मोदकों का भोग लगा। शाम को भगवान गणेश को फूलों के बंगले में विराजमान किया गया। ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में सुबह अथर्व शीर्ष पाठों से गणपति का अभिषेक किया गया। पुष्य नक्षत्र में भगवान गणेश को मोदकों का भोग लगा और महाआरती की गई।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।