(India)
ऐसा समझा जाता है कि किसी राजा ने इसे गर्मी की छुटि्टयां बिताने के लिए बनवाया होगा। अब महल तो बचा नहीं है, लेकिन स्ट्रक्चर से अंदाजा लगता है कि यहां सुरक्षा का काफी ध्यान ख्याल रखा गया था। इस क्षेत्र को पोर बेजिन कहते हैं, जहां आबादी नहीं के बराबर है। पहली बार महल को 1891 में देखा गया था। उसके बाद से 2007-08 तक महल की जगह पर कभी खुदाई नहीं की गई। वर्तमान में पोर बेजिन कल्चरल फाउंडेशन के विशेषज्ञ यहां रिसर्च कर रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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