कहा गया है- बुद्धिप्राणमनोदेहाहंकृतीन्द्रियत: पृथक्।
अद्वितीयश्चिदात्माहं शुद्ध एवेति निश्चितम्।
देवी पुराण के इस श्लोक में माता जगदंबा ने कहा है कि बुद्धि, प्राण, देह, अहंकार और इंद्रियों से अलग शुद्ध और अद्वितीय आत्मा मैं ही हूं ऐसा पूर्ण निश्चित है। स्त्रियों को माता का ही अंश माना गया है। इसलिए स्त्रियों का सम्मान करने से मां जगदंबा प्रसन्न होती है। घर की स्त्री को प्रसन्न रखने पर वे हर तरह का सुख प्रदान करती हैं।
हिन्दू धर्मशास्त्र में लिखा गया है कि-
शोचन्ति जामयो यत्र विनश्यत्याशु तत्कुलम्।
न शोचन्ति तु यत्रैता वर्धते तद्धि सर्वदा।
यानी जिस कुल या घर में नारी दु:खी रहती हो, वह घर बहुत जल्द बर्बाद हो जाता है। जहां ऐसा नहीं होता वह कुल व वंश खूब फलता-फूलता है। स्पष्ट है कि गृहस्थ जीवन स्त्री-पुरुष के बेहतर तालमेल से ही सुखद बनाना संभव होता है। इसलिए जरूरी है कि कोई भी पुरुष जिस तरह स्त्री से रिश्तों में निष्ठा व समर्पण चाहता है, उसी तरह उसका व्यवहार भी स्त्री से सम्मान, संवेदना और भावनाओं से भरा हो
हिन्दू धर्मशास्त्र में लिखा गया है कि-
शोचन्ति जामयो यत्र विनश्यत्याशु तत्कुलम्।
न शोचन्ति तु यत्रैता वर्धते तद्धि सर्वदा।
यानी जिस कुल या घर में नारी दु:खी रहती हो, वह घर बहुत जल्द बर्बाद हो जाता है। जहां ऐसा नहीं होता वह कुल व वंश खूब फलता-फूलता है।
स्पष्ट है कि गृहस्थ जीवन स्त्री-पुरुष के बेहतर तालमेल से ही सुखद बनाना संभव होता है। इसलिए जरूरी है कि कोई भी पुरुष जिस तरह स्त्री से रिश्तों में निष्ठा व समर्पण चाहता है, उसी तरह उसका व्यवहार भी स्त्री से सम्मान, संवेदना और भावनाओं से भरा हो।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:।।
यानी जहां स्त्री की पूजा, सम्मान व सेवा की जाती है, वहां स्वयं भगवान वास करते हैं। जहां ऐसा नहीं होता वहां सारे काम बिगड़ जाते हैं। गृहस्थी के लिए तो यह बात बेहद मायने रखती है, क्योंकि अगर बात-बात पर पुरुष स्त्री को ठेस पहुंचाए या अपमान करता रहे तो इससे फैला क्लेश अन्य परिजनों व संतानों पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे हालात पारिवारिक माहौल बिगाडक़र असफलता, रोग व तंगहाली की वजह बनते हैं। इसलिए पुरुष स्त्री के साथ ऐसा सुखद व्यवहार करे, जिससे स्त्री के जरिए ऐसे संस्कार और जीवन मूल्य संतानों तक पहुंचे जो कई पीढ़ियों को भी खुशहाल कर दे।
Author: JAN TV Editorial Team
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