गणेश की पूजा के विशेष उपाय-
बुधवार सुबह या शाम को स्नान कर ऋद्धि-सिद्धी सहित भगवान गणेश जी की मूर्ति के जल स्नान के बाद, उनके साथ पास में लाभ-क्षेम स्वरूप दो स्वस्तिक बनाएं, गणेश जी व उनके परिवार को केसरिया चंदन, सिंदूर, अक्षत व दूर्वा अर्पित करें।
इस मंत्र का करें उचारण
श्रीगणेश - ऊं गं गणपतये नम:।
ऋद्धि - ऊं हेमवर्णायै ऋद्धये नम:।
सिद्धि - ऊं सर्वज्ञानभूषितायै नम:।
लाभ - ऊं सौभाग्य प्रदाय धन-धान्ययुक्ताय लाभाय नम:।
शुभ - ऊं पूर्णाय पूर्णमदाय शुभाय नम:।
इस मंत्र के उच्चारण के बाद भगवान गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं, इसके बाद धूप व घी के दीप जलाकर गणेश की आरती करें और गणेश जी से अपनी इच्छानुसार वरदान मांगे। आपके व्यारे-न्यारे हो जाएंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।