उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित प्रस्ताव निरस्त कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पूर्व न्यायाधीश ने अपने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि संसद के दोनों सदनों ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बगैर ही गांधी को ब्रिटिश एजेन्ट और सुभाष चंद्र बोस को जापानी एजेन्ट कहने संबंधी उनके बयान के लिए उनकी निन्दा की। भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति काटजू ने अपनी याचिका के साथ फेसबुक पोस्ट संलग्न किया है। न्यायमूर्ति काटजू ने याचिका में लोकसभा में 12 और राज्य सभा में 11 मार्च को उनके खिलाफ पारित प्रस्ताव निरस्त करने का अनुरोध किया है। विकल्प के रूप में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि व्यक्तिगत रूप से या उनके द्वारा नामित वकील के माध्यम से उनका पक्ष सुना जाये।
Author: JAN TV Editorial Team
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