सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति के लिए एनजेएसी को बताया गैरकानूनी
(India)


सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल अप्वाइंटमेंट कमीशन (एनजेएसी) को गैरकानूनी बताया है। हायर जुडिशरी में जजों के अप्वाइंटमेंट के बीस साल से ज्यादा पुराने कलीजियम सिस्टम को खत्म करके उसकी जगह पर नए सिस्टम के तौर पर लाए गए छश्र।ब् की वैलिडिटी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के कॉन्स्टीस्टूशनल बेंच ने यह फैसला शुक्रवार को सुनाया। जस्टिस जे एस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 99वें संविधान संशोधन और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग कानून की कांस्टीट्यूशनल वैलिडिटी को चुनौती देने वाली याचिका पर 31 दिन तक बहस सुनने के बाद 15 जुलाई को सुनवाई पूरी की थी। संविधान पीठ के अन्य मेंबर्स में जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और जस्टिस आदर्श कुमार गोयल शामिल हैं। इस नए कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन और दूसरे लोगों ने दलील दी थी कि जजों के सलेक्शन और अपॉइंटमेंट के बारे में नया कानून अनकॉन्सटीट्यूशनल है और इससे ज्यूडशरी की फ्रीडम प्रभावित होती है। दूसरी तरफ, केन्द्र ने इस नए कानून का बचाव करते हुए कहा था कि बीस साल से ज्यादा पुराने जजों के अपॉइंटमेंट के सिस्टम में कई खामियां थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने केन्द्र का सपोर्ट किया है। इस कानून का 20 राज्य सरकारों ने सपोर्ट किया है जिन्होंने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग कानून और संविधान संशोधन की पुष्टि की है।

Author: JAN TV Editorial Team

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