विधानसभा चुनाव के पांचवे और अंतिम चरण के प्रचार का शोर आज शाम थम जायेगा और पांच नवंबर को नौ जिलों के 57 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी । इसमें राज्य सरकार के छह मंत्रियों, कुछ पूर्व मंत्री, जदयू के बागी समेत कई नेताओं की किस्मत इवीएम में बंद होगी। सबकी नजरें अब फाइनल पर टिकी हैं. इस चरण में जो जितना हासिल करेगा, वह उसके लिए सरकार गठन में बोनस साबित होगा. महागंठबंधन और एनडीए के बीच थर्ड फ्रंट और कुछ छोटे-छोटे दलों की भी मौजूदगी है.पांचवें चरण के तहत 57 सीटों पर मुकाबला न केवल कांटे का है, बल्कि राजनीति की दिशा भी तय करने वाला है. जिन 57 सीटों चुनाव होना है, उनमें 2010 के विधानसभा चुनाव में से जदयू को 20, भाजपा को 23, राजद को आठ और कांग्रेस को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी. एक स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार को कामयाबी मिली थी. हालांकि फिलहाल जदयू के कब्जे में 25 सीटें हैं, क्योंकि राजनीतिक उठा पटक में कई विधायक जदयू में शामिल हुए थे.
Author: JAN TV Editorial Team
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