द्वारका इलाके में कूड़ा उठाने के लिए तकनीक का सहारा नहीं लेने पर हाईकोर्ट ने बुधवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की कड़ी खिंचाई की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से ही ढलाव घर के पास कूड़ा बाहर निकल रहा है। जस्टिस बी.डी. अहमद व संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा कि पिछले 11 महीने में द्वारका इलाके में साफाई के मामले में बेहद कम काम हुआ है। पीठ ने कहा कि इलाके के सड़कों और फुटपाथ के रख-रखाव का भी संज्ञान लिया और डीडीए से कहा कि यदि वह द्वारका जैसे नए क्षेत्रों का रख-रखाव करने में सक्षम नहीं है तो वह शहर के पुराने इलाकों का रख-रखाव कैसे करेगा। पीठ ने ढलाव से कचरे बाहर फैलने स्थिति को अस्वीकार्य बताया। इसके बाद दक्षिणी दिल्ली नगर निगम पीठ को भरोसा दिया कि वहां डब्बे रखे जाएंगे ताकि उसे फैलने और ओवरफ्लो होने से रोका जा सके। हाईकोर्ट ने डीडीए से इलाके में सड़कों से मलबा हटाने और फुटपाथ के साथ-साथ नालियों की तत्काल मरम्मत कराने का आदेश दिया है। साथ ही इस बारे में 4 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अब मामले की सुनवाई 13 जनवरी को होगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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