‘अदालत में राजनीति की कोई जगह नहीं’
(India)


दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा आपराधिक मामलों में अलग-अलग अधिवक्ता पेश होने और एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने पर हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने सरकार और पुलिस को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि अदालत में राजनीति की कोई जगह नहीं है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी पुलिस हिरासत और मुठभेड़ मारे जाने पर मामले की सीबीआई जांच को अनिवार्य करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सिफारिश को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने सुनवाई के दौरान मशहूर शायर गालिब के शेर का हवाला देते हुए कहा कि श्बाजीचा-ए-अत्फाल है दुनिया मेरे आगे, होता है शब-ओ-रोज तमाशा मेरे आगे। उन्होंने सरकार और पुलिस से कहा कि न्यायिक कार्यवाही में आरोप प्रत्यारोप लगाने के बाद दोनों पक्ष परिपक्वता दिखाएं। जस्टिस मृदुल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजनीति की मेरी अदालत में कोई जगह नहीं है, मेरी अदालत में आरोप-प्रत्यारोप मत कीजिए। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब पुलिस हिरासत और मुठभेड़ मारे जाने पर मामले की जांच अनिवार्य रूप से सीबीआई से कराने की मांग की गई याचिका में कहा गया है कि श्क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने पुलिस हिरासत और मुठभेड़ मारे जाने के मामले की सीबीआई से जांच कराने के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आग्रह पर सहमति देने से इनकार कर सकते हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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