धर्मग्रंथ का नाम ट्रेडमार्क के रुप में इस्तेमाल नहीं करने का आदेश
(India)
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि वस्तुओं और सेवा के बिक्री के लिए कोई भी किसी धर्मग्रंथ को अपना ट्रेडमार्क के रुप में इस्तेमाल नहीं कर सकता हैं.. धर्म का इस्तेमाल तो भारतीय राजनीति में अक्सर होता है..पर अगर धर्मग्रंथ का इस्तेमाल व्यापारिक कार्यों के लिए हो तो क्या ये उचित है ? इसी सवाल के जबाव में आज सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने कहा कि कोई भी धर्मग्रंथों का इस्तेमाल वस्तुओं और सेवा के बिक्री के लिए ट्रेडमार्क के रुप में नहीं कर सकता....कोर्ट का यह फैसला बिहार के लालबाबू प्रियदर्शी की अपील पर आया. जिन्होंने रामायण शब्द का ट्रेडमार्क अगरबती और इत्र बेचने के लिए मांगा था...

Author: JAN TV Editorial Team

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