केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्यसभा के नेता अरुण जेटली ने समान नागरिक संहिताए असहिष्णुताए धर्मनिरपेक्षता और आतंकवाद पर दोहरे मापदंड की कड़ी आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि संविधान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए इसका विश्लेषण किया जाना चाहिए। जेटली ने राज्यसभा में ष्डाण् अम्बेडकर की 125वीं जयंती समारोह के भाग के रुप में भारत के संविधान के प्रति प्रतिबद्धता पर चर्चाष् शुरु करते हुए कहा कि संविधान के क्रियान्यवन के 65 वर्ष बीत गए हैं लेकिन कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर संविधान की मूल भावना के अनुसार काम नहीं हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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