देश में असहिष्णुता नहीं : सीजेआई
(India)
असहिष्णुता पर बहस को राजनीतिक मुद्दा करार देते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) टीएस ठाकुर ने आज कहा कि जब तक न्यायपालिका स्वतंत्र और विधि के शासन को बनाए रखने वाली है, तब तक किसी डर या चिंता की जरूरत नहीं है। सीजेआई ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, ये सियासी पहलू हैं। हमारे यहां विधि का शासन है। जब तक विधि का शासन मौजूद है, जब तक स्वतंत्र न्यायपालिका है और जब तक अदालतें अधिकारों तथा प्रतिबद्धताओं को कायम रखे हुए हैं, मुझे नहीं लगता कि किसी को किसी से डरने की जरूरत है। न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, मैं ऐसे संस्थान का नेतृत्व कर रहा हूं जो विधि के शासन को कायम रखता है और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा की जाएगी, मुझे लगता है, हम समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा में सक्षम हैं। मेरा संस्थान नागरिकों के अधिकारों को कायम रखने में सक्षम है। कुछ खास अधिकार नागरिकों के लिए हैं और कुछ अधिकार गैर नागरिकों के लिए भी हैं और हम अधिकारों की रक्षा में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, भारत एक विशाल देश है, हम किसी से डरने की जरूरत नहीं है। ये सब दृष्टिकोण की बातें हैं। जब तक न्यायपालिका स्वतंत्र है, किसी बात का डर नहीं होना चाहिए। हालांकि वह असहिष्णुता पर बहस के राजनीतिक पहलुओं पर टिप्पणी से बचे और उन्होंने कहा, सियासी लोग इसका कैसे उपयोग करते हैं, मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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