सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में जस्टिस वीरेन्द्र को नियुक्त किया लोकायुक्त
(India)
रिटायर्ड जस्टिस वीरेन्द्र कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी का नया लोकायुक्त नियुक्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार खुद लोकायुक्त की नियुक्ति की है। जबकि यूपी में आज भी इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था। शाम 5 बजे फिर मीटिंग होनी थी। लोकायुक्त चयन के लिए मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश की चयन समिति की पांच घंटे चली बैठक मंगलवार को बेनतीजा रही। देर रात तक बैठक में एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नया लोकायुक्त चुनने के लिए पिछले साल छह महीने का वक्त दिया। लेकिन सरकार ने और वक्त मांगा। इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते का और वक्त दिया। इसके बाद पांच अगस्त को सरकार ने जस्टिस रवींद्र सिंह का नाम लोकायुक्त के लिए तय कर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया लेकिन राज्यपाल ने इससे पहले चयन समिति की बैठक का ब्यौरा मांग लिया। असल में इस नाम से सियासी जुड़ाव पर मुख्य न्यायाधीश के एतराज को राज्यपाल ने गंभीरता से लिया। इस बीच सरकार ने चयन समिति की बैठक नहीं बुलाई तो राज्यपाल ने अगस्त में रवींद्र सिंह का नाम खारिज कर दिया और नया नाम भेजने का कहा। इस बीच सरकार ने लोकायुक्त संशोधन बिल ले आयी। इसमें लोकायुक्त चयन में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका खत्म करने का प्रस्ताव था। राज्यपाल के पास यह लोकायुक्त संशोधन बिल लंबित है। इसी गहमागहमी के बीच सरकार ने चयन समिति की बैठक सितंबर महीने में बुलाई। मुख्यमंत्री आवास पर रविवार को हुई बैठक में जब सरकार की ओर से लोकायुक्त चयन के पांच नामों का पैनल एक नाम पर सहमति के लिए पेश किया गया तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब सरकार लोकायुक्त चयन के लिए लोकायुक्त संशोधन विधेयक विधानमंडल से पास कर चुकी है तो यह देखा जाना चाहिए कि कहीं चयन समिति की बैठक से सदन की अवमानना तो नहीं हो रही है? इस सवाल पर सरकार विधिक राय ले ली जानी चाहिए। इस पर विधिक राय ले ली गई। और पुराने लोकायुक्त एक्ट से लोकायुक्त चुनने का रास्ता साफ हो गया।

Author: JAN TV Editorial Team

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