भाकपा के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन का शनिवार को दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के डॉक्टर विनोद कुमार ने बताया कि बर्धन ने देर शाम 8 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली। 92 वर्षीय बर्धन को गत 7 दिसंबर को पक्षाघात (पैरालिसिस स्ट्रोक) होने पर जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से डाक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी। वहीं, पार्टी के महासचिव डी. राजा ने बताया कि शुक्रवार को बर्धन का वेंटीलेटर हटा लिया गया था और वह सामान्य रूप से सांस ले रहे थे, लेकिन शनिवार को रक्तचाप का स्तर फिर गया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। एबी बर्धन के नाम से लोकप्रिय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता का पूरा नाम अर्धेन्दु भूषण बर्धन था। सच्चे और समर्पित वामपंथी बर्धन लंबे समय तक सीपीआई के महासचिव रहे। बर्धन 1996 में ज्योति बसु द्वारा प्रधानमंत्री पद नहीं स्वीकार करने और 2008 में यूपीए से वामदलों का समर्थन वापस लेने को कम्युनिस्ट ताकतों की बड़ी भूल मानते थे। उनका जन्म 24 सितंबर 1924 को बारिसाल में हुआ था, जो अब बांग्लादेश में है। बाद में उनका परिवार महाराष्ट्र के नागपुर में आ गया। छात्र जीवन में 14 साल की उम्र में उन्होंने कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो कई बार पढ़ा और उनकी जिंदगी बदल गई। पहले सीपीआई की छात्र विंग एआईएसएफ और फिर ट्रेड यूनियन लीडर के तौर पर एटक में सक्रिय हुए। वे युवावस्था में अच्छे वक्ता थे। एक बार वामपंथ की ओर रुझान बढ़ा, तो ऐसा रंग चढ़ा कि ताउम्र निष्ठावान वामपंथी रहे। उनकी गिनती महाराष्ट्र के बड़े ट्रेड यूनियन नेताओं में होती थी। वे बांग्ला, हिंदी, अंग्रेजी और मराठी धाराप्रवाह बोलते थे।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।