पठानकोट एयरबेस पर हमले के लिए आतंकियों ने कई महीनों से तैयारियां की थीं। जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि पिछले डेढ़ साल में इस एयरबेस की दो बार जासूसी की गई थी। दोनों बार ही जासूसी करने वाले पकड़े गए। सबसे पहले वायुसेना के एक कर्मचारी को संवेदनशील दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरे मामले में पाकिस्तान के परिवार को एयरबेस के समीप से पकड़ा गया था। यह परिवार फर्जी दस्तावेजों के साथ रह रहा था। 2014 में एयरमैन सुनील कुमार को एयरबेस की जासूसी करते हुए पकड़ा था। जांच एंजेसियों को इस बात के भी सबूत मिले हैं कि जासूसी के आरोप में गिरफ्तार वायुसेना के कर्मचारी केके रंजीत की भी पठानकोट एयरबेस के कर्मचारियों से कई बार बातचीत हुई थी। सुरक्षा एजंसियों ने इन दोनों कर्मचारियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। बता दें कि हमले के दो दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले रंजीत को गिरफ्तर किया था। वहीं पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पठानकोट हमले से साफ जाहिर है कि पाकिस्तान की आईएसआई और आतंकी संगठन मिले हुए हैं। आईएसआई गुप्त जानकारियों को आतंकवादियों को मुहैया करा रही है।बठिंडा से गिरफ्तार रंजीत को आईएसआई ने हनीट्रेप करके पकड़ा था। हमले के तौर तरीके से पता चलता है कि आतंकवादियों के चप्पे चप्पे की जानकारी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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