बैंक अधिकारी अमृता ने कहा, ‘गुरुजी ने स्नेह के नाते मुझे बुलाया था। मैं जब नमस्कार करने उनके पास गयी तो मैंने उनके हाथ में चेन देखी जो उन्होंने मुझे दी। यह कोई जादू नहीं था क्योंकि जब मैं उनके पास गयी थी तो चेन पहले से ही उनके हाथ में थी। मैं तर्कवादी हूं और इस तरह की चीजों में विश्वास नहीं करती।’
Author: JAN TV Editorial Team
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