सियाचिन में ज़िंदा रहना ही सबसे मुश्किल काम, पीके सहगल
(India) तीन फरवरी को 800 फुट लंबे और 400 फुट चौड़े बर्फ की दीवार टूटकर दुनिया के सबसे उंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन के उत्तरी ग्लेशियर में सेना के शिविर पर आ गिरी। जिसमें सेना के 10 जवानों ने अपने जान गवा दिए। हिमस्खलन में भारी बर्फ के नीचे दबे होने के बाद चमत्कारिक रूप से जीवित निकले लांस नायक हनुमंथप्पा का दिल्ली के आर्मी अस्पताल में इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर है। उनके लिए देशभर में दुआएं मांगी जा रही हैं।लांस नायक हनुमंथप्पा इस समय कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। वही इन सारे मामलों पर सेना से रिटायर मेजर जनरल पीके सहगल ने कहा सियाचिन दुनिया का सबसे खतरनाक और सबसे ऊंचा और सबसे ठंडी जगह है। हिन्दुस्तान की सेना अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की रक्षा के लिए तत्पर तैयार रहते है। उन्होने कहा वहां जिंदा रहना ही सबसे मुश्किल काम है। सहगल ने ये भी बताया की जब से सियाचिन में भारत की सेना दाखिल हुई है तब से लेकर अब तक 895 सैनिकों ने अपनी जान गवा चुके है।

Author: JAN TV Editorial Team

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