जेएनयू की घटना को हाफिज का समर्थन-राजनाथ
(India)

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के समर्थन और राष्ट्र के विरोध में जो नारेबाजी हुई है, उसका लश्करे तैयबा के चीफ हाफिज सईद का समर्थन है। सभी लोग ऐसे वक्त में राष्ट्र की एकता के समर्थन में सामूहिक स्वर बुलंद करें, सियासत नहीं। गृहमंत्री रविवार को दोपहर में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के आवास पर उनकी पत्नी के देहान्त पर शोक संवेदना प्रकट करने आए थे। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने यह बात कही। इस सवाल पर कि कई संगठन ऐसा आरोप लगा रहे हैं कि जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के नाम पर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया गया है? सिंह ने कहा कि भारत की एकता अखंडता पर सवालिया निशान लगाने की किसी भी कोशिश को हमारी सरकार बरदाश्त नहीं करेगी। सुरक्षा एजेंसियों को जो भी निर्देश देना था, दे चुका हूं। यह भी कह दिया है कि निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई न हो, न किसी का उत्पीड़न न हो। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘मैं सभी देश के संगठनों, राजनीतिक पार्टियों से अपील करना चाहता हूं कि कहीं पर भी ऐसी स्थित पैदा हो जहां एकता-अखंडता पर सवालिया निशान लगता है, तो पूरे भारत को एक स्वर में उसका विरोध करना चाहिए। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर नहीं तौलना चाहिए।’ गृहमंत्री ने कहा कि जेएनयू के मामले में कौन सा सियासी दल क्या कह रहा है? इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। पुलिस के पास क्या प्रमाण हैं, क्या तथ्य हैं? यह पुलिस पड़ताल कर रही है। पर इतना स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जेएनयू में जो हुआ उस लश्करे तोइबा के चीफ हाफिज सईद का भी समर्थन है। देश को यह बात अच्छी तरह से समझना चाहिए। लश्करे तोइबा ने इस घटना का समर्थन किय है। इस सवाल पर कि कामरेड सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सरकार के कदम को गलत बता रहे हैं? गृहमंत्री ने कहा कि मैं किसी का नाम लेकर कुछ भी नहीं कहना चाहता था।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।