जाट आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा के 9 जिले झुलस रहे हैं। इन सभी जिलों में सेना को बुला लिया गया है लेकिन वहां सेना रास्ता जाम होने के कारण पहुंच ही नहीं पा रही है। कई जिलों में धारा 144 और कर्फ्यू भी लगा हुआ है लेकिन मामला शांत नहीं हो पा रहा है। कहीं बाजार में आग लगाने की घटना सामने आ रही है तो कहीं रेलवे स्टेशन को ही फूंक दिया गया है। जाट आरक्षण को लेकर प्रदर्शनकारियों ने मुनाक नहर को बंद कर दिया है। इस कारण दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। दिल्ली सरकार के अनुमान के मुताबिक इस नहर से पानी रोकने के कारण 60 फीसदी दिल्ली को पानी मिलना बंद हो जाएगा। इस सिलसिले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर से बात की। खट्टर ने उन्हें सेना भेजकर नहर प्रदर्शनकारियों से मुक्त कराने का वादा किया। गुड़गांव और मानेसर में स्थित मारुचि प्लांट में भी जाट आरक्षण के कारण काम ठप हो गया है। प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप के कारण और जाम के प्रभाव से फैक्टरी तक माल ही नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण प्लांट मैनेजमेंट ने काम को रोक दिया है। इधर, गुड़गांव में भी धारा 144 लागू कर दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट्स की नियुक्ति हो गई है। हरियाणा में जाट आंदोलन को देखते हुए जम्मू और माता वैष्णो देवी धाम आधार शिविर कटरा से चलने वाली अंतर्राज्यीय बसों और ट्रेनों का परिचालन शनिवार को रोक दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सुबह यहां पहुंचीं दो ट्रेनों को छोड़कर जम्मू और कटरा से चलने वाली तथा यहां आने वाली सभी अंतर्राज्यीय ट्रेनों का परिचालन आज (शनिवार) रोक दिया गया है। जाट आंदोलन को देखते हुए जम्मू एवं कश्मीर से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और अन्य शहरों को जाने वाली बसों को भी शनिवार को रोक दिया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।