प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि संसद के सुचारु रूप से नहीं चलने से देश को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चलने से देश पीडित है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘सदन में चर्चाएं होती हैं, लेकिन यदि संसदीय सत्र नहीं चलता है तो देश को जितनी क्षति होती है उससे कहीं अधिक क्षति सांसदों को होती है, क्योंकि वे मुद्दों पर चर्चा ही नहीं कर पाते।’’ उन्होंने कहा कि संसद एक ऐसा मंच है, जहां सरकार से प्रश्न पूछे जाते हैं और सरकार विभिन्न मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संसदीय सत्र तभी फलदायक होता है, जब चर्चा के दौरान मर्यादाओं का पालन किया जाता है उन्होंने कहा कि हीनभावना के कारण संसद नहीं चलने दिया जा रहा है। विपक्ष के वरिष्ठ सांसदों को इस बात की चिंता है कि उनसे कम अनुभवी सांसद अगर बोलेंगे और उनकी वाहवाही हुई तो फिर उनका क्या होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष में भी कुछ ऐसे प्रतिभावान सांसद हैं, जिनको बोलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी बिल कांग्रेस सरकार की है, उसे भी रोका जा रहा है। उन्होंने सभी सांसदों से बिल पास कराने में सहयोग करने की अपील की।
Author: JAN TV Editorial Team
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