उद्योगपति विजय माल्या के देश से बाहर जाने को लेकर आलोचना झेल रही सीबीआई ने उनके खिलाफ जारी निगरानी नोटिस (लुकआउट नोटिस) के रुख में बदलाव किया था। सीबीआई ने नोटिस जारी करने के एक माह के भीतर ही इसे देश से बाहर जाने के दौरान हिरासत में लेने से बदलकर सिर्फ उनकी यात्रा योजना के बारे में जानकारी देने तक सीमित कर दिया था। यह सूचना सीबीआई के लिए और शर्मनाक स्थिति पैदा करने वाली है। जांच एजेंसी पर पहले ही माल्या के प्रति नरमी दिखाने का आरोप लग रहा है। माल्या के खिलाफ आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के ऋण डिफाल्ट मामले में सीबीआई जांच चल रही है। सूत्रों ने बताया कि 16 अक्तूबर, 2015 को लुकआउट सर्कुलर जारी कर सीबीआई ने कहा था कि यदि माल्या देश छोड़ने का प्रयास करते हैं तो एक्जिट पॉइंट पर उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा। करीब एक महीने बाद ही नवंबर में एजेंसी ने संशोधित सर्कुलर में आव्रजन ब्यूरो से कहा कि वह उसे माल्या के विदेश जाने तथा यात्रा योजना की जानकारी उपलब्ध कराए।
Author: JAN TV Editorial Team
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