कन्हैया पर कार्रवाई की मांग खारिज
(India)



दिल्ली हाईकोर्ट ने राजद्रोह के मामले में अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद कथित राष्ट्रविरोधी टिप्पणी करने पर जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने वाली एक याचिका पर गौर करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने इस आधार पर निर्देश देने संबंधी सामाजिक कार्यकर्ता की मांग मानने से इनकार कर दिया कि कानून व्यवस्था है जो, राष्ट्रविरोधी नारे लगाये जाने पर मामले को देखेगा और कहा कि याचिकाकर्ता को राष्ट्र की छवि की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा कि आपने कन्हैया के खिलाफ राजद्रोह के अपराध को लेकर कार्रवाई करने और न्याय के हित में इस मामले को आगे की जांच के लिए खुफिया ब्यूरो के पास भेजे जाने का निर्देश जारी करने की जो मांग की है, वह आप किस रूप में कर रहे हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता देवदत्त शर्मा को हाजिर करने को भी कहा ताकि उन्हें पता चले कि ऐसी रिट याचिका दायर करने का क्या जुर्माना लग सकता है। उसके बाद वकील सुग्रीव दुबे ने याचिका वापस लेने की इच्छा प्रकट की और कोर्ट ने उसे वापस ले लिए जाने के रूप में खारिज कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद कन्हैया फिर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी में शामिल हुए और हाल ही में अपने भाषण में कम से कम 100 बार आजादी शब्द का इस्तेमाल किया। कन्हैया को राजद्रोह के मामले में दो मार्च को उच्च न्यायालय ने छह माह के लिए अंतरिम जमानत दी थी।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।