पानी का संकट हुआ तो सुप्रीम कोर्ट जाएगी दिल्ली सरकार
(India)

दिल्ली हरियाणा की राजनीतिक लड़ाई आने वाली गर्मियों में पानी संकट गहराने की तरफ इशारा कर रही है। हरियाणा से स्पष्ट शब्दों में दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वे पानी की आपूर्ति के लिए अपनी नहर खुद बनवाएं। इसके लिए हरियाणा की नहर का प्रयोग नहीं किया जाए। यदि ऐसा होता है तो एक बार फिर दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मामले में दिल्ली सरकार के मंत्री व जल बोर्ड अध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि अगर ऐसी कोई ऐसी स्थिति पैदा होती है तो दिल्ली सरकार द्वारा हरियाणा को कोर्ट में ले जाया जाएगा। ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी। इस विवाद की शुरुआत एस.आई.एल नहर निर्माण के मामले में दिल्ली सरकार के बयान से शुरू हुई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद हरियाणा के मंत्री औम प्रकाश धनकड़ की तरफ से दिल्ली को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि नांगल डैम व रावी व्यास के पानी में हरियाणा को 3.5 एमएएफ और दिल्ली को 0.2 एमएएफ का हिस्सा आवंटित है। हरियाणा यह पानी भाखड़ा मेन लाइन से लाता है और इस वजस हरियाणा अपना 496 क्यूसिक पानी नहीं लेता। इसके अतिरिक्त यमुना का 330 क्यूसिक पानी पश्चिमी नहर के माध्यम से दिल्ली को दिया जाता है। हरियाणा ने अपने पत्र में कहा है कि हमें व्यास में नांगल डैम से हरियाणा व दिल्ली का पानी उपलब्ध है। लेकिन इसे लाने का साधन उपलब्ध नहीं है। इस पक्की नहर का विरोध करके दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली की आम जनता के खिलाफ ही आवाज बुलंद की है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा ने दिल्ली सरकार को अपनी अलग नहर बनाने की सिफारिश की है।

Author: JAN TV Editorial Team

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