केजरीवाल सरकार ने पर्यावरण को दिल्ली की सबसे बड़ी चिंता मानते हुए सड़कों की सफाई से लेकर यमुना के शुद्दीकरण तक हर मामले में अत्याधुनिक तकनीकी की मदद लेने का फैसला किया है। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए बताया कि प्रदूषण पर 24 घंटे निगरानी रखने के लिए सरकार ने 6 एंबीऐंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग केन्द्र स्थापित किए हैं। अगले एक साल में इनकी संख्या बढ़ाकर 9 की जाएगी। इसके अलावा एक मोबाइल एंबीऐंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग वाहन सड़कों पर उतारकर हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा सड़कों की सफाई से उड़ने वाली धूल की समस्या से निजात पाने के लिए वैक्यूम क्लीनर और निर्माणकार्य से निकलने वाले मलबे की रीसाइक्लिंग के लिए 500 मीट्रिक टन क्षमता वाली दो यूनिटें लिबासपुर और टीकरी बॉर्डर पर स्थापित की जाएंगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही प्रदूषण पर जनजागरुकता के लिए व्यापक अभियान पर 137 करोड़ रुपये सरकार अगले वित्त वर्ष में खर्च करगी। जबकि बैटरी चालित वाहन, ई रिक्शा और हाइब्रिड वाहनों को सस्ता करने की पहल को भी पर्यावरण सुधार की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। बजट प्रस्ताव में इन वाहनों पर वैट की मौजूदा 12.5 प्रतिशत दर को घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।