अलीगढ़ में एएमयू के रसायन विज्ञान विभाग की कांफ्रेंस में दिल्ली के प्रदूषण का मुद्दा गूंजा। जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट स्टडीज के डॉ. सुदेश यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण और खराब पर्यावरण के लिए वाहनों से ज्यादा कंस्ट्रक्शन दोषी है। कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल हो रहे मटेरियल के रखरखाव का प्रबंधन ठीक नहीं। वो उड़ कर दिल्ली की फिजा में सांस लेना मुश्किल कर रहा है। डॉ. सुदेश ने अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन फोर्मुले पर कटाक्ष किया। कहा, सर्दी में एनवायरनमेंट क्लोस होता है। जिस कारण वातावरण में प्रदूषण ज्यादा होता है। मापने पर वह ज्यादा ही आएगा। गर्मी के मौसम में खुला एनवायरनमेंट होने पर अपने आप प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है। ये कहना कि वाहन से ही दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, ठीक नहीं। उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में समय से पहले मरने वालों की संख्या बढ़ गयी है। करीब 6500 से 7200 लोग औसत आयु से पहले मर जाते हैं। दमा के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। जिसका ज्यादा दोषी दिल्ली में चल रहा कंस्ट्रक्शन है। उसमें बिल्डर एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। हरा सा कपड़ा लटका कर औपचारिकता निभा रहे है।
Author: JAN TV Editorial Team
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