राष्ट्रीय राजधानी में 15 अप्रैल से ऑड ईवन योजना का दूसरा चरण शुरू होने से पहले मंगलवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने शहर की आबोहवा के संबंध में आंकड़े तलब कर लिए। एनजीटी ने अधिकारियों की एक समिति का गठन कर विभिन्न स्थानों में हवा की गुणवत्ता के नमूने जुटाने का निर्देश दिया। हरित अधिकरण ने समिति को एक हफ्ते के भीतर नमूने जुटाने को कहा है। समिति के सदस्यों में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और श्रीराम लैबोरेट्री के अधिकारी शामिल हैं। जस्टिस स्वतंतर कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, सीपीसीबी, डीपीसीसी, लैबोरट्री और मंत्रालय एक हफ्ते के भीतर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कम से कम दस स्थानों में व्यापक स्तर पर वायु गुणवत्ता को लेकर एक समुचित रिपोर्ट तैयार करेंगे। ये नमूने व्यस्त और कम व्यस्त समय के दौरान जुटाए जाएंगे। वायु प्रदूषण से जुड़े मौजूदा मामले का दायरा बढ़ाते हुए एनजीटी ने विभिन्न राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सीपीसीबी से विचार-विमर्श कर व्यापक स्तर पर वायु गुणवत्ता के नमूने जुटाने और आंकड़ों का विश्लेषण करके रिपोर्ट सौंपने को कहा, जिसमें प्रदूषण के तमाम स्त्रोतों का योगदान शामिल है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।