बदरीनाथ मंदिर में कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह करीब तीन बजे शुरू हुई। मंदिर के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूरी की उपस्थिति में टिहरी नरेश के राजपुरोहित, बामणी गांव के हकहकूकधारी और मंदिर समिति के अधिकारी ने मंदिर के ताले में अपनी चाबियां डालीं। चांदी का दरवाजा खुलने पर रावल, धर्माधिकारी भुवन चंद उनियाल, वेदपाठियों ने मंदिर में प्रवेश कर अखंड ज्योति और भगवान के दर्शन किए। रावल ने भगवान बदरीविशाल के घृत कंबल का अनावरण किया। विशेष पूजा अर्चना की गई और चार बजकर 31 मिनट पर भगवान के दर्शन का दौर शुरू हो गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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