इनमें सबसे पहला तो पिछले एक साल से राज्य में भाजपा से नाराज चल रहे पार्टी के परम्परागत वोट बैंक राजपूत समाज को एक बार फिर साथ लाने का प्रयास किया है । जयपुर राजपरिवार की सम्पती राजमहल पैलेस एवं अन्य जमीनों पर को सरकार द्वारा अपने कब्जे में लेने के बाद राजपूत समाज ने कई दिनों तक आंदोलन किया था । उस दौरान राज्य का पूरा राजपूत समाज एकजुट हुआ,यहां तक की भाजपा के ही राजपूत विधायक एवं नेता राजपरिवार के पक्ष् में लामबंद हो गए । राजपूत समाज की इस नाराजगी के बीच ही एक माह पूर्व गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए राजपूत समाज ने 20 दिन तक सरकार के खिलाफ आंदोलन किया । राजपूत समाज मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा था,सरकर ने पहले तो नहीं मानी,लेकिन चारों तरफ से बढ़ते दबाव के कारण बाद में इस मांग को मानते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय को सीबीआई जांच का सिफारिशी पत्र भेजा गया ।
राजपूत समाज की भाजपा एवं राज्य सरकार से नाराजगी का तीसरा कारण फिल्म पद्मावती की शूटिंग की अनुमति देना रहा । संजय लिला भंसाली की इस फिल्म की शूटिंग के दौरान राजपूत समाज ने कई बार सैट पर तोड़फोड़ की,भंसाली एवं उनकी यूनिट के साथ जयपुर के आमेर में मारपीट की गई । राजपूत समाज का आरोप था कि भंसाली इस फिल्म में रानी पद्मावती को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका दिखा रहे हैं,जो कि गलत है । इनके अतिरिक्त भी विभिन्न कारणों से राजपूत समाज राज्य में भाजपा से नाराज चल रहा था ।
यह माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी ने राजपूत समाज को पार्टी के साथ लाने का प्रयास किया है । जोधपुर सांसद गजेन्द्र िसंह शेखावत को मंत्री बनाकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके घर में ही घेरने की रणनीति भी है । राजस्थान मे कांग्रेस के सबसे मजबूत नेता गहलोत अब तक जोधपुर संभाग के दिग्गज नेताओं में माने जाते थे,लेकिन अब शेखावत को मंत्री बनाकर गहलोत के समक्ष चुनौति पैदा करने की कोशिश की गई है ।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।