होलिका दहन के समय कुछ चीजों को ध्यान रखना बेहद जरूरी
(India) फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है और शाम के समय शुभ मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को हिरण्यकश्यप ने होलिका की गोद में बैठाकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी. इस दौरान होलिका खुद ही जल कर खत्म हो गई थी. उस दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा थी. तभी से होलिका दहन किया जाता है.

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में किया जाता है. इस बार होलिका दहन 17 मार्च और होली 18 मार्च के दिन मनाई जाएगी. होलिका दहन के समय कुछ चीजों को ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस दिन भूलकर भी ये गलतियां न करें. ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

Author: JAN TV Editorial Team

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