रमजान में शब-ए-कद्र की रात अल्लाह खोल देता है रहमतों का दरवाजा
(India) मुकद्दस रमजान के महीने में एक ऐसी रात भी है, जिसे अल्लाह ने इबादत के लिए हजार रातों से बेहतर बनाया है। इस रात को शब-ए-कद्र की रात कहते हैं। मुकद्दस रमजान के महीने अल्लाह की रहमत, बरकत बंदों पर बरसती है।

इन रातों को जितना हो सके इबादत करनी चाहिए। रमजान की इन रातों के महत्व को देखकर बहुत से लोग शब-ए-कद्र से पहले ही एतकाफ यानी एकांत साधना में चले जाते हैं और ईद के चांद देखने के बाद ही बाहर आते हैं। हदीस में बयान है कि एतकाफ पर जाने वालों के जरिए अल्लाह पूरी आबादी के लिए रहमत के दरवाजे खोला देता है। उनकी दुआ से पूरी आबादी के गुनाह माफ हो जाते हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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