इन रातों को जितना हो सके इबादत करनी चाहिए। रमजान की इन रातों के महत्व को देखकर बहुत से लोग शब-ए-कद्र से पहले ही एतकाफ यानी एकांत साधना में चले जाते हैं और ईद के चांद देखने के बाद ही बाहर आते हैं। हदीस में बयान है कि एतकाफ पर जाने वालों के जरिए अल्लाह पूरी आबादी के लिए रहमत के दरवाजे खोला देता है। उनकी दुआ से पूरी आबादी के गुनाह माफ हो जाते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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