आज त्यौहारों का अनूठा संयोग,अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती का उत्साह
(India)
भगवान परशुराम जयंती आज है। सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से परशुराम जन्मोत्सव पर कई आयोजन किये जा रहे है। भगवान परशुराम की पूजा अर्चना के साथ ही परशुराम जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए गए.....वहीं जयकारे लगाते हुए जयघोष किया गया पुरानी कथाओं के अनुसार, परशुराम जी का जन्म अन्याय और पाप कर्मों के विनाश के लिए हुआ था. इनके जन्म पर इनका नाम राम रखा गया था. यह भगवान शिव के परम भक्त थे और उनकी कठोर साधना करते थे, जिसके बाद भगवान शिव उनसे काफी प्रसन्न हुए और उन्हें कई अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए. इन्हीं अस्त्र शस्त्रों में से एक शस्त्र का नाम परशु था जो इनका मुख्य हथियार था. उस हथियार को धारण करने के बाद इनका नाम परशुराम पड़ गया. बता दें कि भगवान परशुराम को अपने पिता से कभी ना पराजित होने का वर भी प्राप्त है. वहीं यह भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महारथियों के गुरु भी रह चुके थे

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।