शिव पूजन व रुद्राभिषेक के लिए आर्द्रा नक्षत्र एवं मिथुन लग्न दोनों ही सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। इस वर्ष सावन की शिवरात्रि आर्द्रा नक्षत्र से युक्त एवं मिथुन राशिगत चंद्रमा से व्याप्त है। स्वर्ग की भद्रा होने से भद्रा का दोष भी नहीं है। अतः रुद्राभिषेक व शिव पूजन के लिए बहुत ही सुंदर योग बना है। भक्तों ने शिवरात्रि पर बने शिव गौरी योग में भोलेनाथ की पूजा अर्चना की। हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाए कावड़ियों ने भी शिवालयों में भोलेनाथ को जल अर्पित किया। वहीं सेक्टर 30 स्थित शिव शक्ति मंदिर में भक्तों के लिए भगवान शंकर के महाकाल स्वरूप के दर्शन की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से 12 ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन करवा
Author: JAN TV Editorial Team
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