धूमधाम से पार्वतीनंदन का विसर्जन किया जाएगा इस शुभ मुहूर्त में करें विसर्जन
(India) जब गणपति को विसर्जन के लिए ले जाएं, तब उन सारी चीजों को पोटली में बांध दें और गणेश जी के साथ ही विसर्जित कर दें। गणपति की जितने दिन भी आपने पूजा कि है उतने दिन में जो भी भूल-चूक हुई उसके लिए बप्पा से क्षमा मांगें। गणेश जी की मूर्ति हो या प्रतिमा इन्हें पानी में धीरे-धीरे विसर्जित करें। एकदम से छोड़ें या पटकें नहीं। दोपहर 12 से 3 बजे और शाम 4.30 से 6 बजे तक आखिरी मुहूर्त होगा। विसर्जन दोपहर में करेंगे तो अच्छा रहेगा, क्योंकि गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए मध्याह्न काल यानी दोपहर का समय सबसे अच्छा रहता है। अगर दिनभर में किसी कारण प्रतिमा विसर्जन ना कर पाएं तो सूर्यास्त के बाद ना करें|अगले दिन सुबह किसी शुभ चौघड़िए में करें।

गणपति जी के विसर्जन से पहले उनकी विधि-विधान पूर्वक पूजा करनी चाहिए। गणेश जी को लाल चन्दन, लाल पुष्प, दूर्वा, बेसन के लड्डू, पान, सुपारी, धूप-दीप आदि गणपति को अर्पित करें। परिवार के साथ गणपति की आरती करें। यदि संभव हो तो आप हवन भी कर सकते हैं।

यदि किसी कारणवश आप दिन में मूर्ति विसर्जन नहीं कर पा रहे हैं तो सूर्यास्त के बाद न करें| अगली सुबह शुभ चौघड़िया में करें। नदियों और तालाबों में मूर्ति और माला-फूल डालने से दोष लगता है इसलिए भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन घर पर ही करना चाहिए। नदियाँ और तालाब गंदे होने पर प्रकृति को भी नुकसान होता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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