पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल की सुबह 5:52 बजे से प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है। पुण्यकाल की शुरुआत सूर्य के मेष में प्रवेश के बाद मानी जाती है, इसलिए पुण्य स्नान और दान का श्रेष्ठ समय 14 अप्रैल की सुबह 9:43 बजे से शुरू होगा। ज्योतिष के अनुसार इस दिन दान, स्नान और सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
बैसाखी का दिन धार्मिक रूप से भी खास होता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा के साथ-साथ भगवान शिव और देवी काली की भी आराधना की जाती है। यह दिन नए साल की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव की कृपा से जीवन में नई ऊर्जा और शुभता आती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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