भौम प्रदोष व्रत विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन शिव उपासना से धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत पापों से मुक्ति, ग्रह दोष और रोगों से छुटकारा दिलाने वाला भी होता है।
22 जुलाई को द्विपुष्कर योग भी बन रहा है, जो सुबह 5:37 से 7:05 बजे तक रहेगा। इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य दोगुना फल देता है। साथ ही इस दिन मंगला गौरी व्रत भी मनाया जाएगा, जो विवाहित महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए खास होता है। मां पार्वती की पूजा से अखंड सौभाग्य और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ समय शाम 7:18 से रात 9:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 से 4:56 तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:55 तक रहेगा। इस दिन श्रद्धा से शिव-पार्वती की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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