पूजा विधि:
इस दिन प्रातः स्नान करके घर के पूजा स्थल को साफ करें।
मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें।
धूप, दीप, पुष्प, गुड़ और नैवेद्य अर्पित करें।
लाल या नीले फूलों से देवी की आराधना करना शुभ माना जाता है।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।
प्रिय भोग: मां कालरात्रि को 'गुड़ और हलवा' अति प्रिय है। भक्त इस दिन गुड़ से बने प्रसाद का भोग लगाकर आरोग्य और समृद्धि की कामना करते हैं।
शुभ रंग: सातवें दिन का शुभ रंग नीला माना गया है। भक्त इस दिन नीले रंग के वस्त्र धारण कर देवी की उपासना करते हैं।
मां कालरात्रि की पूजा से व्यक्ति के जीवन से भय और अज्ञान का नाश होता है। साथ ही साधक को ज्ञान, शक्ति और साहस की प्राप्ति होती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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