केरल में सबरीमला तीर्थयात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु कर रहे सतराम-पुलमेदु मार्ग का इस्तेमाल, वन विभाग ने किए खास इंतजाम
(Pathanamthitta, Pathanamthitta) केरल के पत्तनमथिट्टा जिले में सबरीमला तीर्थयात्रा पर जाने वाले कई श्रद्धालु भगवान अयप्पा के मंदिर तक जाने के लिए सतराम-पुलमेदु मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। 12 किलोमीटर लंबे इस रास्ते में पेरियार टाइगर रिजर्व के घने जंगल और ट्रैकिंग शामिल है।

तीर्थयात्रियों के लिए इंतजाम

वन विभाग ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए खास इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होता है और उनकी निगरानी कैंमरों के जरिए की जाती है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए हाथी दस्ता और रैपिड रिस्पांस टीम को तैनात किया गया है।

तीर्थयात्रा का अनुभव

तीर्थयात्रियों का कहना है कि सतराम से पुलमेदु तक का अनुभव काफी अच्छा रहा। उन्हें रास्ते में पीने के पानी या अन्य सुविधाओं की किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस और वन अधिकारियों से भी उन्हें पर्याप्त सहायता मिली।

सबरीमला तीर्थयात्रा

सबरीमला तीर्थयात्रा, भगवान अयप्पा को समर्पित प्रसिद्ध तीर्थयात्रा है। केरल के पत्तनमथिट्टा जिले में स्थित ये मंदिर लगभग 4,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है, जोकि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। दो महीने चलने वाली ये तीर्थयात्रा 16 नवंबर को शुरू हुई और अगले साल 14 जनवरी को मकरविलक्कु के साथ समाप्त होगी।

Source: PTI

Author: JAN TV Editorial Team

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