इसी क्रम में डिजिटल धार्मिक प्लेटफॉर्म 'श्री मंदिर' की ओर से अयोध्या के ऐतिहासिक राजद्वार में एक लाख दीप प्रज्ज्वलित कराने की पहल की गई है। इसके माध्यम से वे श्रद्धालु भी प्रभु श्रीराम के चरणों में दीप अर्पित कर सकेंगे, जो किसी कारणवश अयोध्या नहीं पहुंच सकते।
लगातार पांचवें वर्ष डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे श्रद्धालु
दीपोत्सव के दसवें संस्करण में श्री मंदिर प्लेटफॉर्म के सहयोग से लगातार पांचवें वर्ष डिजिटल सहभागिता की व्यवस्था की जा रही है। देश और विदेश में रहने वाले रामभक्त कहीं से भी अपने नाम से अयोध्या में दीप प्रज्ज्वलित करा सकेंगे। इस पहल से दीपोत्सव की पहुंच भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ेगी।
एक, पांच, 11 या 21 दीप अर्पित करने का विकल्प
डिजिटल माध्यम से श्रद्धालु एक, पांच, 11 अथवा 21 दीप अर्पित करने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके बाद अयोध्या के राजद्वार में उपस्थित पुरोहित श्रद्धालु के नाम और गोत्र से विधिवत संकल्प लेकर दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी और बाद में संबंधित श्रद्धालु के साथ डिजिटल माध्यम से साझा की जाएगी। इससे दूरदराज क्षेत्रों और विदेशों में रहने वाले लोग भी अपने नाम से हुए दीप अर्पण को देख सकेंगे।
अखंड रामायण पाठ और पांच हजार से अधिक लोगों के लिए महाअन्नदान
दीपोत्सव-2026 में दीप प्रज्ज्वलन के साथ धार्मिक और सेवा गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर अखंड रामायण पाठ, विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों की सेवा और पांच हजार से अधिक साधु-संतों, श्रद्धालुओं तथा जरूरतमंदों के लिए महाअन्नदान की व्यवस्था होगी। इन कार्यक्रमों का आयोजन भी श्री मंदिर प्लेटफॉर्म की ओर से किया जाएगा।
आस्था और तकनीक को जोड़ने की पहल
श्री मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सचान ने कहा कि किसी श्रद्धालु की आस्था और उसके आराध्य के पवित्र तीर्थस्थल के बीच भौगोलिक दूरी बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव में सहयोगी के रूप में योगदान देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनका प्रयास है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले रामभक्त का संकल्प अयोध्या तक पहुंचे और उसके नाम से विधि-विधानपूर्वक दीप प्रज्ज्वलित हो।
वैश्विक स्वरूप ले रहा अयोध्या का दीपोत्सव
योगी सरकार के नेतृत्व में आयोजित दीपोत्सव-2026 में परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय देखने को मिलेगा। डिजिटल दीप अर्पण की व्यवस्था बुजुर्गों, अस्वस्थ लोगों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी होगी। सरयू के 56 घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी के साथ दुनिया भर के रामभक्तों की डिजिटल सहभागिता अयोध्या के इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।