(JAMMUandKASHMIR, India)
प्रवक्ता के मुताबिक बैठक के दौरान बताया गया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर घटने से हालात नियंत्रण में है और लोग अपने घर लौटने लगे हैं। लेकिन बाढ़ का पानी निकालने के लिए और अधिक पंप लगाने के साथ साथ राहत सामग्री की आपूर्ति बढ़ाए जाने की जरूरत है। समझा जाता है कि उमर ने इस बात पर जोर दिया है कि राशन एवं दवा की पर्याप्त आपूर्ति किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बाढ़ का पानी निकालने की फौरी जरूरत पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य सचिव ने बैठक में बताया कि दवाओं की खेप प्राप्त हुई है और उन्हें अस्पतालों एवं मेडिकल शिविरों को बांटा जा रहा है। क्लोरीन की नौ लाख गोलियां बांटी जा चुकी है तथा 10 लाख और गोलियां बांटने के लिए प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान जलमग्न हो चुके अस्पतालों में अब कामकाज शुरू हो गया है।बैठक में बताया गया कि श्रीनगर और अन्य जिलों में 65 फीसदी बिजली नेटवर्क बहाल हो गया है। रेल सेवाएं बहाल हो गई हैं तथा एक ट्रेन बडगाम से बारामुला गई जबकि एक अन्य के श्रीनगर से बारामुला जाने की उम्मीद है।
Author: JAN TV Editorial Team
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