(JAMMUandKASHMIR, India)
झेलम नदी और मुख्य नहर में पानी काफी नीचे उतर गया है। तीन दिनों तक इसमें पानी उफान पर रहने से रिहायशी इलाकों में अभूतपूर्व बाढ़ आई थी। कई इलाकों से पानी हट चुका है जबकि श्रीनगर की कई कालोनियों में ओएनजीसी और दमकल विभाग के पंपों के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। कई क्षेत्र अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। खासकर के पुराने शहर में। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ही सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से रह रहे लोगों को राहत सामग्री भेजी जा रही है। पानी की निकासी का काम जारी है और बाढ़ के कारण अपने घरों को छोड़ कर गए लोग अब नुकसान का जायजा लेने के लिए घरों को लौट रहे हैं। लोगों को एक दूसरे से उनका, रिश्तेदारों और दोस्तों का हालचाल लेते हुए देखा जा सकता है। हर किसी के पास 6 सितंबर को पानी के कालोनियों और फिर घरों में घुसने को लेकर अपनी अपनी एक कहानी है। गोग्जी बाग के मोहम्मद शाफी ने कहा कि पहले हमने सोचा था कि पानी का स्तर कुछ हद तक ही बढ़ेगा। किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया था कि कुछ इलाकों में यह 12 फुट उपर तक चला जाएगा। गोग्जी बाग में पानी की निकासी का काम पूर्ण गति से चल रहा है। वहां खाली किए गए घरों में चोरी होने की भी खबरें हैं। कई मुख्य सड़कों से पानी उतर गया है और जिन क्षेत्रों से बाढ़ खत्म हो गई है वहां पर सार्वजनिक परिवहन को चालू कर दिया गया है। ऐसी जगहों पर लोगों की गतिविधियां बढ़ी हैं जिससे कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम भी हो गया। कुछ महत्वपूर्ण सड़कें जैसे कि हवाईअड्डे को जोड़ने वाली सड़क पर पानी भरा होने के कारण इससे जाना अभी भी दुर्गम है। ऐतिहासिक लाल चौक और बादामी बाग छावनी के आसपास का क्षेत्र अभी भी बाढ़ की चपेट में है। दुकानों के मालिक दुकानें दुबारा खोल रहे हैं। बाढ़ से बच गए सामान को निकालने का वे प्रयास कर रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।