हालांकि गुजरात के लोग अब तक केवल ऐसे अवसर के इंतजार में नहीं बैठे थे और काफी पहले ही माओ त्से तुंग के समय से ही वे चीन में कारोबारी संभावनाओं का पता लगा रहे थे। लेकिन शहर के चीनी भाषा के शिक्षकों और छात्रों के मुताबिक शी की यात्रा के बाद इस भाषा को सीखने के चलन में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। शहर में चीनी भाषा सिखाने वाली शिक्षिका लावण्या त्रिवेदी ने बताया कि गुजराती लोगों के बीच चीनी भाषा सीखने का चलन बढ़ा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों के कारण चीन और गुजरात के बीच नए व्यापार संबंधों के शुरू होने के बाद पिछले दो सालों में इस चलन में तेजी से इजाफा हुआ है। त्रिवेदी ने दावा कि चीनी भाषा सीखने वालों में व्यापारी, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े छात्र और इंटीरियर डिजाइनर प्रमुख हैं जो ‘पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ में खुद को स्थापित कर करना चाहते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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