गौरतबल है कि ये वही इमाम हैं जिन्होंने 2011 में नरेंद्र मोदी को मंच पर टोपी पहनने के लिए दी थी, लेकिन गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उसे पहनने से इन्कार कर दिया था। बताया गया है कि कोर्ट में पेशी के समय लोगों के बीच खड़े राजेश नाम के व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।
खेड़ा जिला पुलिस ने उन्हें मंगलवार को विवादित बयान देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मेहंदी हसन पर धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बयान देने का आरोप है। उनके बयान पर विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद खेड़ा जिला पुलिस ने यह कार्रवाई की। गौरतलब है कि मेहंदी हसन ने कहा था कि गरबा पर राक्षसों का कब्जा हो गया है। इमाम हुसैन ने कहा कि गरबा एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्की राक्षसों के लिए मनोरंजन है। इमाम मेहंदी ने रविवार को कहा कि साधु और संत गरबा में नजर नहीं आते। इनमें फिल्मी कलाकार और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भड़काऊ कपड़ों में नाचते नजर आते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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