गुजरात के अतिरिक्त प्रमुख सचिव (गृह) एसके नंदा ने बताया कि इसके लिए 50 प्रतिशत कमांडो की नियुक्ति मौजूदा राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) से की जाएगी। नंदा ने कहा कि हमारे तट की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाने वाले 1000 कमांडो में से 50 प्रतिशत कमांडो मौजूदा एसआरपी इकाइयों से आएंगे जबकि शेष 50 प्रतिशत को एक अलग नियुक्ति प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाएगा। वे समुद्र और जमीन दोनों पर नजर रखेंगे। पुलिस महानिदेशक पीसी ठाकुर ने कहा कि यह कमांडो बल राज्य के तट के विभिन्न स्थानों पर मरीन पुलिस चौकियों से इतर होगा। जारी नंदा ने कहा कि इस प्रयास के जरिए, गुजरात भारत का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसके पास घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे विभिन्न खतरों से अपनी तटरेखा की सुरक्षा के लिए अपनी मरीन कमांडो है। ठाकुर ने कहा कि इन कमांडो पर जमीन और समुद्र दोनों पर कड़ी निगरानी रखने की जिम्मेदारी होगी। इस बल को समुद्र के भीतर और तट पर गश्त के एक अलग बजट के जरिए नौकाएं, जीपें और बाइकें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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