(JHARKHAND, India)
झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि वह झारखंड में जनता के हित में महागठबंधन बनाये जाने के पक्ष में हैं और निश्चित रूप से इससे धर्मनिरपेक्ष मतों का बंटवारा रोकने में सहायता मिलेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि ऐसा कोई गठबंधन बनाने से पहले यह तय होना आवश्यक है कि इस गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा? क्या मरांडी चाहते हैं कि झारखंड में कोई भी महागठबंधन उनके ही नेतृत्व में बने? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं बिलकुल नहीं। मैं यह चाहता हूं कि जो भी महागठबंधन बने, वह स्थाई हो और चुनाव के बाद उसमें नेतृत्व को लेकर संघर्ष न हो। उन्होंने कहा कि झारखंड में सत्ता के लालच और मुख्यमंत्री बनने की होड़ में कई सरकारें गिर चुकी हैं। लिहाजा यह मुद्दा तय किये बिना महागठबंधन बनाकर चुनावों में जाने से जनता का विश्वास जीता नहीं जा सकता। इससे पहले यहां 22 सितंबर को कांग्रेस ने राज्य में अपने प्रभारी बी के हरि प्रसाद की उपस्थिति में वरिष्ठ नेताओं की बैठक में फैसला किया था कि वह झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव बिहार की तर्ज पर सत्ताधारी गठबंधन के अपने सहयोगियों झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद के अलावा जदयू के साथ भी महागठबंधन बनाकर लड़ेगी ताकि भाजपा के यहां सत्ता में वापसी के सपने को चकनाचूर किया जा सके। झारखंड के कांग्रेस प्रभारी बी के हरिप्रसाद ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गहन बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में घोषणा की थी कि सहयोगी दलों में भी इस बात पर सहमति बनी है कि हर हाल में राज्य में भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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