डॉक्टरों के विरोध पर बोले सीएम जीतनराम मांझी.......
(Athmalgola, Patna) पीएमसीएच की कमियों के प्रति मुख्यमंत्री की चिंता ठीक है। पर क्या ये कमियां यहां के डॉक्टरों के कारण है। दशहरा के दिन गांधी मैदान में हुए हादसे में घायलों के इलाज में 48 घंटे तक लगातार मौजूद रहने वाले अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद को सिर्फ इसलिए दंडित करना कि वे मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान मौजूद नहीं थे, अन्याय है।यह फैसला कहीं से न्यायसंगत नहीं लगता। ये विचार हैं आईएमए और भाषा का। दोनों संगठनों ने सीएम से कार्रवाई को जल्द वापस लेने की अपील की। मंगलवार को आईएमए और भासा की संयुक्त बैठक में विरोध जताया गया। आईएमए और भासा के पदाधिकारियों का कहना है कि अधीक्षक खुद असाध्य और जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी बीमारी भी कुछ रोज पहले डिटेक्ट हुई है। वैसी हालत में भी वह इमरजेंसी में तैनात रहे। चिकित्सकों की माने तो डॉ.लखींद्र को रिनल कार्सिनोमा डिटेक्ट हुआ है। वह ठीक से खड़ा होने में भी समर्थ नहीं हैं। डॉ. लखींद्र डॉ. कुलकर्णी से इलाज के लिए गुरुवार को मुंबई जा रहे हैं। आईएमए और भासा के पदाधिकारियों ने कुछ चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस और कुछ को बगैर कुछ पूछे ही तबादले का भी विरोध किया है। अनुबंधित चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. अमिताभ ने भी डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई का विरोध किया है।

Author: JAN TV Editorial Team

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